जगत के स्वामी

शिव की आराध्य भक्त
जो करे तन मन से पूजा
उसकी हर एक मन्नत
होती पूर्ण इस जगत में ।

तीनों लोकों के स्वामी
शिव ही हैं इस जग में
इनका आराध्य हर पंथी
खुशहाल रहता जग में ।

जिनके हस्त में रहते हय
सदा डमरू, त्रिशूल सवार
जिनके शिरोधरा में हमेशा
रहते भुजंग सदा विराजमान ।

जिनके सुत दो इस जग में
जिनका नाम गणेश, कार्तिक
आराध्य जिसकी थी भवानी
वही इस जगत स्वामी ।


✍️✍️✍️ अमरेश कुमार वर्मा

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामधारी सिंह दिनकर कविताएं संग्रह

आंकड़ों का आरेखी प्रस्तुतीकरण Part 3 (आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण) 11th class Economics

मेसोपोटामिया सभ्यता का इतिहास (लेखन कला और शहरी जीवन 11th class)