अत्याचार

जब होता किसी पर अत्याचार
कहर होता निष्ठुर स्वभाव का
जिस पर होता है ये जियादती
दमन होता जिस नर – नारी पर
वो आखिर कैसे अनागत होगा ?
अच्छा – बुरा बात का फैसला
करने वाला ईश्वर – अल्लाह
जैसा को तैसा परिणाम देते वो ।

जो करता नृशंसता जग में
उसको उसका मिलता फल
अच्छा के साथ होता अच्छा
बुरा के साथ होता सदा बुरा
कोई भी इंसा जग, संसार में
जन्म से होता ना अत्याचारी
उसका माहौल ही वैसा बनाता
जैसा को तैसा फल मिलता यहां ।

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